लड़कियां बड़ी लड़ाका होती हैं

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मैंने देखा

एक लड़की महिला सीट पर बैठे पुरुष को

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उठाने  के लिए लड़ रही थी,

तो दूसरी लड़की

महिला – कतार में खड़े पुरुष को

हटाने  के लिए लड़ रही थी।

 

मैंने दिमाग दौड़ाया

तो हर ओर लड़की को लड़ते हुए पाया,

 

जब लड़की घर से निकलती है,

तो उसे लड़ना पड़ता है।

गलियों से राहों से,

सैकड़ों घूरती निगाहों से,

 

लड़ना होता है तमाम अश्लील फब्तियों से,

एकतरफा मोहब्बत से,

ऑटो में सट कर बैठे किसी बुजुर्ग की फितरत से,

 

उसे लड़ना होता है,

विडंबना वाले सच से,

टीचर के बैड टच से,

 

वह अपने आप से भी लड़ती है,

जॉब की अनुमति न देने वाले बाप से भी लड़ती है,

 

उसे हमेशा यह दर्द सताता है,

चार बड़े भाइयों के बजाय पहले मेरा डोला क्यों उठ जाता है,

 

वह स्वाभिमान के बीज बोने के लिए लड़ती है,

खुद के पैरों पर खड़े होने के लिए लड़ती है।

 

वह शराबी पति से रोते हुए पिटती है,

फिर भी उसे पैरों पर खड़ा करने के लिए लड़ती है,

 

वह नहीं लड़ती, महज शोर मचाने के लिए,

वह लड़ती है, चार पैसे बचाने के लिए

वह अपने अधिकार के लिए लड़ती है,

सुखी परिवार के लिए लड़ती है।

 

वह साँपों से चील बनके लड़ती है,

अदालत में वकील बन के लड़ती है,

 

वह दिल में दया ममता प्यार लेकर लड़ती है,

तो कभी हाथ में तलवार लेकर लड़ती है।

 

वह लेखिका बनके  पेन से लड़ती है,

जरूरत पड़े तो फाइटर प्लेन से लड़ती है।

 

प्यार में राधा दीवानी की तरह लड़ती है,

तो जंग में झांसी की रानी की तरह लड़ती है।

 

कभी कील बनके लड़ती है कभी किला बनके लड़ती है,

कभी शर्मीली तो कभी ईरोम शर्मिला बनके लड़ती है।

 

कभी शाहबानो बन पूरे समाज से लड़ती है,

तो कभी सत्यवती बन यमराज से लड़ती है।

 

कभी रजिया कभी अपाला बनके लड़ती है,

कभी  हजरत महल, कभी मलाला बनके लड़ती है।

 

कभी वाम, तो कभी आवाम बनके लड़ती है,

और जरूरत पड़े तो मैरीकॉम बनके लड़ती है।

 

कभी दुर्गावती, कभी दामिनी बनकर लड़ती है,

अस्मिता  पर आंच आये तो

पन्नाधाय और पद्मिनी बनके लड़ती है।

 

कभी नफरत में कभी अभाव में लड़ती है,

तो कभी इंदिरा बन चुनाव में लड़ती है।

 

उसने लड़ने की यह शक्ति यूं ही नहीं पाई है,

वह नौ महीने पेट के अंदर लड़के आई है।

 

सच में लड़कियां बड़ी लड़ाका होती हैं॥

सच में लड़कियां बड़ी लड़ाका होती हैं॥

 

पंकज प्रसून की कलम से

(यह लेखक/कवि के स्वतंत्र विचार हैं।)

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PIC SOURCE-GOOGLE IMAGES

 

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