“जाको राखे सइयां मार सके न कोई”

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बहुत पुरानी कहावत है “जाको राखे सइयां मार सके न कोई” अर्थात जिसकी रक्षा स्वयं ईश्वर करते हैं, उनका कोई बाल बांका भी नहीं कर सकता। जी हाँ, आज मैं आपको अमेरिका की ‘टिफनी ऐडम्स’ के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिनके साथ भी कुछ, ऐसा ही हुआ है। महज 17 साल की उम्र में ‘टिफनी’ कार एक्सीडेंट में पक्षाघात (paralysis) की शिकार हो गयी थी। उनका आधा शरीर काम करना बंद कर दिया था। कार एक्सीडेंट के बाद डॉक्टरों ने ‘टिफनी’ के बचने की संभावना सिर्फ 5% बताई थी, डॉक्टरों ने तकरीबन 30 घण्टे तक सर्जरी करने के बाद इनकी जान बचाई थी।
‘टिफनी’ ने मशहूर फिल्म ‘ फकीरा’ का गाना “हिम्मत न हार, चल चला चल, फकीरा चल चला चल” के गाने को चरितार्थ करते हुए, हिम्मत हारने के बजाय अपने साथ हुए इस नियति के खेल को चैलेंज के रूप में लिया, और आज 35 वर्षीय ‘टिफनी’ खुद को एक फिटनेस आइकॉन के रूप में स्थापित कर चुकी हैं।
‘टिफनी’ रोजाना करीब 3 घण्टे व्यायाम करती हैं और अपने पैरों पर खड़े होने और चलने का प्रयास करती हैं। आज उनकी फिटनेस को देखकर कई सारी फिटनेस ब्रांड कंपनी ने उनके साथ करार किया है।
इसलिए “कोसी की आस” अपने ‘सोशल मीडिया परिवार’ के सभी सदस्यों से विनम्रता से कहना चाहती है कि चाहे हम कितनी भी मुश्किल में क्यों न हो, हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और बेहतर के लिए इन पंक्ति के अनुसार “हिम्मत न हार, चल चला चल, ……………. चल चला चल” प्रयास करते रहना चाहिए।

(यह लेखक के स्वतंत्र विचार हैं।)
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टीम- “कोसी की आस” ..©

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