भारतीय ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी ने जीता वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप का खिताब

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स्पेशल डेस्क
कोसी की आस@नई दिल्ली

भारत की युवा महिला ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी ने वर्ल्ड रेपिड चैंपियनशिप 2019 का खिताब जीत लिया है। 32 वर्षीय हंपी ने यह उपलब्धि मॉस्को के लुझनिकी स्टेडियम के वीआईपी जोन में चीन की 22 साल की लेई टिंगजी को हराकर फीडे वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप जीती। वे भारत की शतरंज में पहली महिला वर्ल्ड चैंपियन हैं।

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हंपी ने 12 दौर में प्रत्येक में नौ अंक जुटाये जिससे वह टिंगजी के साथ बराबरी पर थीं। दोनों के बीच फिर आर्मेगेडोन गेम से विजेता का फैसला हुआ। हंपी ने पहला गेम गंवाने के बाद दूसरे गेम में वापसी की और फिर निर्णायक गेम में खिताब जीता।

कोनेरू हंपी का जन्म 31 मार्च 1987 को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुआ था। वे भारत की सबसे कम उम्र की महिला शतरंज ग्रैंडमास्टर खिलाड़ी हैं। उन्हें साल 2003 में ‘ अर्जुन पुरस्कार ’ से सम्मानित किया गया जबकि उन्हें साल 2007 में ‘ पद्म श्री से सम्मानित किया गया। साल 2015 में उन्होंने महिला विश्व टीम शतरंज चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता।

क्या होता है विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप

विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप शतरंज के विश्व विजेता खिलाड़ी निश्चित करने के लिए खेली जाने वाली प्रतियोगिता है। यह एक समयबद्ध शतरंज टूर्नामेंट है जो प्रत्येक खिलाड़ी को प्रत्येक चाल के लिए सीमित समय देता है। इसे साल 2012 में इंटरनेशनल शतरंज फेडरेशन (FIDE) द्वारा मान्यता दी गई थी। FIDE वार्षिक रैपिड शतरंज टूर्नामेंट और ब्लिट्ज़ शतरंज चैम्पियनशिप का आयोजन करता है। वर्तमान विश्व रैपिड शतरंज चैंपियन (पुरुष) मैग्नस कार्लसन है जबकि महिला वर्ग में कोनेरू हंपी वर्तमान विश्व रैपिड शतरंज चैंपियन है।

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