सौगंध मुझे इस मिट्टी की…..

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“बालाकोट एयर स्ट्राइक” के बाद राजस्थान के चुरू में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत प्रख्यात कवि श्री रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की वीर रस की प्रसिद्ध कविता सुनायी। देश-भक्ति से लबालब वीर रस की इस कविता में देश भर का दर्द सिमट कर सामने आ जाता है और देश-भक्त प्रण लेते हैं कि “चाहे जो हो जाए, हम अपने देश की प्रतिष्ठा को आँच नहीं आने देंगे”।

 

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पूरी कविता जिसकी पंक्तियां प्रधानमंत्री ने मंच से सुनायी:-

 

 

सौगंध मुझे इस मिट्टी की

 

सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा।
मैं देश नहीं रुकने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा।।

मेरी धरती मुझसे पूछ रही, कब मेरा कर्ज चुकाओगे।
मेरा अंबर पूछ रहा, कब अपना फर्ज निभाओगे।।

मेरा वचन है भारत मां को, तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा।
सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा।।

वे लूट रहे हैं सपनों को, मैं चैन से कैसे सो जाऊं।
वे बेच रहे हैं भारत को, खामोश मैं कैसे हो जाऊं।।

हां मैंने कसम उठाई है, मैं देश नहीं बिकने नहीं दूंगा।
सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा।।

 

वो जितने अंधेरे लाएंगे, मैं उतने उजाले लाऊंगा।
वो जितनी रात बढ़ाएंगे, मैं उतने सूरज उगाऊंगा।।

इस छल-फरेब की आंधी में, मैं दीप नहीं बुझने दूंगा।
सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा।।

वे चाहते हैं जागे न कोई, बस रात का कारोबार चले।
वे नशा बांटते जाएं और देश यूं ही बीमार चले।।

पर जाग रहा है देश मेरा, हर भारतवासी जीतेगा।
सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा।।

मांओं बहनों की अस्मत पर, गिद्ध नजर लगाए बैठे हैं।
मैं अपने देश की धरती पर, अब दर्दी नहीं उगने दूंगा।।

सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा।
अब घड़ी फैसले की आई, हमने है कसम अब खाई।।

हमें फिर से दोहराना है और खुद को याद दिलाना है।
न भटकेंगे न अटकेंगे कुछ भी हो, हम देश नहीं मिटने देंगे।।

सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा।
मैं देश नहीं रुकने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा।।

Pic Source- ndtv.com

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